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किन जीवोंं का रास्ते में दिखना होता है शुभ?

किन जीवोंं का रास्ते में दिखना होता है शुभ? 


भारतीय समाज में काफी पुराने समय से शकुन और अपशकुन की मान्यताएं प्रचलित हैं। कई छोटी-छोटी घटनाओं से भविष्य में होने वाली बड़ी घटनाओं की जानकारी प्राप्त की जाती है। कभी-कभी कुछ जीवों या वस्तुओं के दिखाई देने पर भी शकुन या अपशकुन माना जाता है।
श्रीरामचरितमानस के रचियता गोस्वामी तुलसीदास ने शकुन-अपशकुन का विस्तृत उल्लेख किया है। रामायण और श्रीरामचरितमानस में कई स्थानों पर शकुन और अपशकुन का वर्णन मिलता है। अत: स्पष्ट है कि इस प्रकार की छोटी घटनाओं का हमारे जीवन में कितना गहरा महत्व है। तुलसीदासजी के अनुसार नेवला, मछली, दर्पण, क्षेमकरी चिडिय़ा, चकवा और नील कंठ, हमें जहां कहीं भी दिख जाए इसे शुभ समझना चाहिए। इनके दिखाई पर ऐसा समझना चाहिए कि आपके कार्यों में आ रही बाधाएं स्वत: ही नष्ट होने वाली है। बिगड़े कार्य बनने वाले हैं। इनसे व्यक्ति की मनोकामएं पूर्ण होने के संकेत मिलते हैं। यदि किसी व्यक्ति को धन संबंधी कार्यों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और इनमें से कोई दिख जाए तो निकट भविष्य में आपके पैसों से जुड़ी समस्याएं दूर हो जाएंगी। 

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