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पूजा के बाद मुरझाए फूलों और पूजा साम्रगी का क्या करें?



हमारे यहां कोई उत्सव हो या अन्य कोई शुभ कार्य आयोजित किया जाता है। अक्सर पूजा के बाद सामग्री बच जाती है। जैसे ताजे फूलों को पूजा में हमेशा रखा जाता है। इसका कारण यह है कि फूल की सुगंध और सुन्दरता पूजन करने वाले के मन को सुन्दरता और शांति का एहसास दिलावाती है।
ऐसा माना जाता है कि जब पूजा में इनका उपयोग किया जाता है, तो फूल अद्भुत ऊर्जा का सृजन पूरे घर में करते है और इससे घर में खुशियों का आगमन होता है। जबकि इसके विपरीत मुरझाये फूल मृत्यु के सूचक माने जाते हैं। फल पूजा सुपारी, चावल, धान अन्य पूजन सामग्री को भी ज्यादा समय तक पूजा के बाद घर में रखना शुभ नहीं माना जाता। पूजा की बची हुई सामग्री, जो उपयोगी हो उसे ब्राह्मण को दान कर देना चाहिए और जो उपयोगी ना हो उसे तुरंत नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए।
इसके अलावा पितृ या भगवान को उपले पर लगाए गए भोग की राख को भी घर में रखना शुभ नहीं माना जाता है। तीनों बातों के पीछे का कारण वास्तु से ही जुड़ा है। वास्तु के अनुसार इन तीनों ही चीजों को घर में रखने पर घर की सकारात्मक ऊर्जा का स्तर कम होने लगता है नकारात्मक ऊर्जा बढऩे लगती है।

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