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क्यों पवित्र और शुभ माना जाता है तुलसी का पौधा?





यमराज या यमदूत का नाम आते हैं मौत का डर सताने लगता है। हिंदू धर्म में यमराज को मृत्यु का देवता बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि जिस व्यक्ति की मृत्यु का समय आ जाता है, उसकी आत्मा को लेने के लिए यमराज या यमदूत आते हैं। यमराज आने का अर्थ है साक्षात मृत्यु का आना। मृत्यु के भय को समाप्त करने के लिए शास्त्रों में कई उपाय बताए गए हैं। इन्हीं उपायों में से एक है घर में तुलसी का पौधा लगाना।
वेद-पुराण, शास्त्रों में तुलसी की महिमा बताई गई है कि -
जिस व्यक्ति के घर में तुलसी का पौधा होता है, वह घर तीर्थ के समान है। वहां मृत्यु के देवता यमराज नहीं आते हैं। जो मनुष्य तुलसी की मंजरी से भगवान श्रीहरि की पूजा करता है, उसे फिर गर्भ में नहीं आना पड़ता यानी उसे मोक्ष प्राप्त हो जाता है, पुन: धरती पर जन्म नहीं लेना पड़ता। इस श्लोक से स्पष्ट है कि तुलसी के पौधे को पवित्र और पूजनीय माना गया है।
यहां यमराज या यमदूत से यही तात्पर्य है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होगा वहां रहने वाले लोगों का जीवन स्वर्ग के समान होगा। तुलसी के प्रभाव से घर में सभी सुख-सुविधा के साधन होंगे। किसी को भी मृत्यु का भय नहीं रहेगा। तुलसी का पौधा होने से वातावरण में मौजूद कई विषैले जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। वास्तु के अनुसार तुलसी के पौधे से कई वास्तु दोषों का निवारण हो जाता है।

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